People are liking the brass statue of Khatu Shyam being prepared in Brass City


पीयूष शर्मा/मुरादाबाद: यूपी का मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां के पीतल के उत्पाद देश-विदेश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं. तो वहीं इन पीतल के उत्पादों पर चार चांद लगाने का काम करते हैं यहां के शिल्पगुरु, जो अपनी सुंदर-सुंदर नक्काशी से इन्हें और ज्यादा खूबसूरत और आकर्षित बनाने का काम करते हैं.   वहीं पीतल नगरी के इस शहर में पीतल के खाटू श्याम की मूर्ति भी बनाई जा रही है, जो लोगों को जमकर पसंद आ रही है.  लोग इसकी जमकर खरीदारी कर रहे हैं.

पीतल कारोबारी सचदेवा जी ने बताया कि जैसे-जैसे खाटू श्याम जी की मान्यता बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे ही उनकी मूर्ति की भी डिमांड बढ़ती जा रही है. वर्तमान स्थिति की बात करें तो पूरे इंडिया में खाटू श्याम की मूर्ति की डिमांड देखने को मिल रही है. उन्होंने बताया कि खाटू श्याम की मूर्ति 4 इंच से लेकर 2 फीट तक की साइज के हम तैयार करते हैं. इसके साथ ही राजस्थान से इसकी सबसे ज्यादा डिमांड सामने आ रही है, क्योंकि वहां पर खाटू श्याम जी का मंदिर है. दुकानदार इसकी सबसे ज्यादा डिमांड कर रहे हैं. इसके अलावा पूरे देश से भी लोग अपने घरों में रखने के लिए मूर्ति की डिमांड कर रहे हैं. इसके साथ ही खाटू श्याम की मूर्ति की कीमत की बात करें, तो 700 से यह शुरू हो जाता है और आपके बजट पर निर्भर करता है.

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कौन हैं बाबा खाटू श्याम

शास्त्रों के अनुसार, खाटू श्याम असल में भीम के पोते और घटोत्कच के बेटे बर्बरीक हैं. इन्हीं की खाटू श्याम के रूप में पूजा की जाती है. बर्बरीक में बचपन से ही वीर और महान योद्धा के गुण थे और इन्होंने भगवान शिव को प्रसन्न कर उनसे तीन अभेद्य बाण प्राप्त किए थे. इसी कारण इन्हें तीन बाणधारी भी कहा जाता है.राजस्थान के सीकर जिले में इनका भव्य मंदिर स्थित है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. लोगों का विश्वास है कि बाबा श्याम सभी की मुरादें पूर करते हैं और रंक को भी राजा बना सकते हैं.

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